人间正道是沧桑
书名:奇葩说|作者:笑无语|本书类别:古言|更新时间:22:40:41|字数:3896字
一 | राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ : संभल में बीती 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा में चार लोगों की मौत और तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी सहित 30 से अधिक पुलिसकर्मियों के घायल होने के प्रकरण की तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग ने रिपोर्ट गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में तमाम पहलुओं के साथ एक बहुत बड़ा संकेत भी मिला है। ,इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज देवेंद्र कुमार अरोड़ा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग के अन्य सदस्य भारतीय पुलिस सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी पूर्व डीजीपी अरविंद कुमार जैन और भारतीय प्रशासनिक सेवा के रिटायर्ड अधिकारी अमित मोहन प्रसाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुरुवार को मुलाकात की। जांच समिति ने बीते वर्ष 24 नवंबर को संभल में शाही जामा मस्जिद के पास भड़की हिंसा पर अपनी रिपोर्ट सौंपी।,हरिहर मंदिर पर बाबर काल के साक्ष्य संभल जामा मस्जिद में हरिहर मंदिर होने और हिंदू पक्ष को पूजा करने का अधिकार देने का प्रकरण कोर्ट में लंबित होने के बीच न्यायिक आयोग की रिपोर्ट में मस्जिद में हरिहर मंदिर के साक्ष्य मिले हैं। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया हरिहर मंदिर पर बाबर काल के साक्ष्य मिले हैं। हरिहर मंदिर की नींव में बाबरी काल के प्रमाण मिले हैं। इसके अलावा रिपोर्ट में जो सबसे बड़ा दावा किया गया है वो ये है कि संभल में सिर्फ 15 प्रतिशत हिंदू परिवार बचे हैं।,संभल में कब और क्यों शुरु हुआ था विवाद विवाद बीते वर्ष 19 नवंबर से शुरू हुआ है, जब अधिवक्ता हरि शंकर जैन और विष्णु शंकर जैन सहित हिंदू याचिकाकर्ताओं ने संभल की जिला अदालत में एक मुकदमा दायर किया था जिसमें दावा किया गया था कि शाही जामा मस्जिद एक मंदिर के ऊपर बनाई गई थी।,यह भी पढ़ें- Sambhal Violence Report : संभल हिंसा प्रकरण में गठित जांच आयोग ने मुख्यमंत्री को सौंपी 450 पन्ने की रिपोर्ट, अब होगा एक्शन अदालत के आदेश पर उसी दिन (19 नवंबर) एक सर्वेक्षण किया गया, उसके बाद 24 नवंबर को एक और सर्वेक्षण किया गया। इसी सर्वेक्षण के दौरान अशांति फैल गई और जिसके परिणामस्वरूप चार लोगों की मौत हो गई। यह भी पढ़ें- Sambhal Violence Report :दंगों से जूझते रहे संभल में हिंदू आबादी 45 से घटकर 15-20 प्रतिशत, प्रशासन व पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल पुलिस ने हिंसा में संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क और मस्जिद समिति के प्रमुख जफर अली सहित 2,750 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज किया था।。 投诉理由:平台单方面变更电子围栏运营范围,未尽到提前告知义务,将自身运营调整的风险转嫁给消费者,违规收取调度费,侵犯消费者公平交易权。上传全部证据,诉求为退还调度费。



